C Language In Hindi- C लैंग्वेज क्या होता है?

हेलो दोस्तों! आज इस पोस्ट में c language के बारे में दिया गया है जिसमे  बताया गया है की C Language In Hindi क्या है और इसके feature क्या है तो चलिए शुरू करते है

C Language का परिचय

C(C Language In Hindi) एक general purpose programming language होता है  यह high level programming language होता है  जिसको Dennis Ritchie ने 1972 में USA में bell labs में develop किया गया था C language को मुख्य रूप से system software और operating system के develop करने के लिए design किया गया है

C का पहला मुख्य application UNIX operating system है UNIX को C language में लिखा गया है

C एक बहुत ही popular  programming language होता है जिसके कारण किसी भी दूसरी language को सिखने से पहले C को सीखना बहुत जरुरी होता है क्योकि C के बाद जितने भी programming होती है वो किसी न किसी तरीके से C के feature को adopt किया जाता है

C language बहुत से data type provide होता है

Characteristics & Features

  • C language एक case sensitive language होता है
  • C high level और low level दोनों तरह के program को create करने में सक्षम होता है
  • C language assembly language के बाद फ़ास्ट(fast) language मानी जाती है
  • C एक modular language होता है C के द्वारा आप एक बड़े प्रोग्राम को छोटे छोटे modules(function) के रूप में divide किया जाता है इसलिए ऐसे प्रोग्राम को manage और debug करने में आसानी होती है
  • C एक flexible language होता है C 32 keywords provide होता है ये सभी keywords program के language को control provide करता है इन keywords की सहायता से आप प्रोग्राम को structure के रूप में modify किया जा सकता है
  • C एक extendable language होता है C प्रोग्राम में librarie के द्वारा आप कभी भी नए feature को add कर सकते है

 

Limitation

  • C language में run टाइम में checking नही होती है C language run time में किसी भी variable के data type को identify करने में असमर्थ होता है जैसे float data type में integer value को डाली जा सकती है
  • C language object oriented का concepts नहीं होता है
  • C language में constroctors और destructors का concept भी नहीं होता है
  • C language में namespaces का concept नहीं होता है जिसके कारण अलग अलग programmers के code को एक ही project पर प्रयोग करना मुश्किल होता है
  • C language में exceptions को run time में handle नहीं किया जा सकता है

Applications

  • C language में कई प्रकार के assemblers भी create किये जाते है assembler basic instructions को bits में convert करता है
  • C language में text editor भी create किये जा सकते है जैसे gedit आदि
  • C language में नेटवर्क drivers भी create कर सकते है
  • C language में database systems भी लिख सकते है जैसे की oracle database C में ही लिखा गया है
  • ज्यादातर operating system C language में ही बनाये जाते है जैसे UNIX ,Window आदि
  • किसी भी नयी programming language को compile करने के लिए compilers की आवश्यकता होती है C language में compilers भी create किये जा सकते है

for example java का compiler javac भी C language में ही बनाया गया है

C Language In Hindi

reference-https://www.geeksforgeeks.org/c-language-set-1-introduction/

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