Introduction of 8051 microcontroller in hindi-माइक्रोकंट्रोलर का परिचय

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आपको 8051 microcontroller hindi के बारे में बताया गया है की क्या होता है कैसे काम करता है तो चलिए शुरू करते है

परिचय (Introduction)

आज जब भी हम आधुनिक तकनीकों से निर्मित युक्तियों की चर्चा करते हैं तब उनमें सर्वोपरि युक्ति कम्प्यूटर ही होती है। आज संसार में कोई भी क्षेत्र इसके उपयोगों से अछूता नहीं है। कम्प्यूटर में हृदय समान अवयव (element) समझे जाने वाले माइक्रोप्रोसैसर (microprocessor) के अभाव में इसकी कल्पना असम्भव है।

इसी माइक्रोप्रोसैसर का प्रयोग करके माइक्रोकन्ट्रोलर का निर्माण किया जाता है। आज प्रत्येक स्वचालित (automatic) युक्ति में माइक्रोकन्ट्रोलर मुख्य अवयव होता है। आजकल घरों, औद्योगिक (industrial) क्षेत्रों तथा ऑफिसों इत्यादि में इसका प्रयोग अधिकता से किया जा रहा है। ट्रैफिक लाइट्स, साइन्टिफिक इन्स्ट्रमेन्ट्स, इण्डस्ट्रियल कन्ट्रोल तथा ऑडियो-वीडियो प्रणाली इत्यादि इसके प्रमुख प्रयोग क्षेत्र हैं।

सामान्यत: माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 एक 8-बिट माइक्रोकन्ट्रोलर होता है जिसका अर्थ है कि यह एक समय पर 8-बिट साइज के वर्ड (word) पर ही कार्य कर सकता है। माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 माइक्रोकन्ट्रोलर्स की द्वितीय पीढ़ी (second generation) का है। माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 एक अकेला माइक्रोकन्ट्रोलर न होकर यह माइक्रोकन्ट्रोलर श्रेणी (series) होती है तथा जिसे माइक्रोकन्ट्रोलर श्रेणी-51 परिवार (microcontroller series-51 family) भी कहा जाता है।

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माइक्रोकन्ट्रोलर द्वितीय पीढ़ी का सबसे अधिक शक्तिशाली माइक्रोकन्ट्रोलर माना जाता था। उस समय यह माइक्रोकन्ट्रोलर अपनी विशिष्ट विशेषताओं के कारण बहुत ही प्रचलित था। माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे प्रोग्राम द्वारा 16-बिट माइक्रोकन्ट्रोलर की भाँति भी प्रयोग किया जा सकता है।

वर्तमान में भी माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 का प्रचुरता में प्रयोग किया जाता है। आज भी औद्योगिक कार्यों, अध्ययन कार्यों तथा शोध कार्यों में बहुत ही उपयोगी समझा जाता है। आज प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक माइक्रोकन्ट्रोलर्स की आधारीय (basic) संरचना (construction) तथा प्रोग्रामिंग भी इसी माइक्रोकन्ट्रोलर पर आधारित है।

माइक्रोकन्ट्रोलर का इतिहास

आधुनिक इलैक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों में माइक्रोकन्ट्रोलर एक बहुत महत्त्वपूर्ण घटक (component) होता है। इसके अभाव में इन प्रणालियों की कार्यविधि असम्भव है। • सर्वप्रथम माइक्रोकन्ट्रोलर का निर्माण इन्टेल कॉर्पोरेशन (Intel corporation) के द्वारा वर्ष 1976 में किया गया था।

इस वर्ष में निर्मित होने वाला माइक्रोकन्ट्रोलर 8048 था। यह सिंगल चिप (single chip) माइक्रोकन्ट्रोलर था जिसे ‘MCS48’ भी कहा जाता था। इस माइक्रोकन्ट्रोलर में 8-बिट CPU प्रयोग किया गया था। 8748, 8041,8042 तथा 8049 इस श्रेणी के अन्य माइक्रोकन्ट्रोलर हैं। इस श्रेणी के सभी माइक्रोकन्ट्रोलर उस समय के महत्त्वपूर्ण माइक्रोकन्ट्रोलर थे। इनका प्रयोग स्वचालित अनुप्रयोग के नियन्त्रण में किया जाता था।

NOTE-इस श्रेणी के माइक्रोकन्ट्रोलर्स में गुणा (multiplication) तथा भाग (division) के लिए निर्देश नहीं थे

1/2/4 k ROM/EPROM 64/128/256  RAM. Timer/Counter Parallel I/O lines AD Converter इत्यादि इस श्रेणी केमाइक्रोकन्ट्रोलर्स के प्रमुख अवयव है।

• वर्ष 1980 में माइक्रोकन्ट्रोलर को द्वितीय पीढ़ी (second generation) का आरम्भ माना जाता है। इस पीड़ी में माइक्रोकन्ट्रोलर 8051 जैसे शक्तिशाली माइक्रोकन्टोलर का निर्माण हुआ। तीव्र गति, अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स परिपथों, अधिक मैमोरी क्षमता तथा गुणा और भाग इत्यादि के लिए निर्देशों का समायोजन इस माइक्रोकन्ट्रोलर की प्रमुख विशेषताएँ थी।

Micro Controller 8051 RAM:128KB ROM:4kB TIMER:2 I/O Pins:32 Serial Part:1

NOTE-8052 तथा 8031 इस श्रेणी के अन्य माइक्रोकन्ट्रोलर थे।

• इन्टेल कॉर्पोरेशन के अतिरिक्त कुछ अन्य कम्पनियों ने भी माइक्रोकन्ट्रोलर का निर्माण किया है जिन्हें निम्न तालिका 1.1 में प्रदर्शित किया गया है

तालिका में अन्य माइक्रोकन्ट्रोलर

माइक्रो कंट्रोलर  कंपनी का नामसाइज़एप्लीकेशन
TMS1000 TLCS47 MSM6411 COP420Texas Instruments Toshiba OKI National4 – bitToys Control and Appliances
87C552 TMS7500 PICI6C6X 6500Philips Texas Instruments Microchip Rockwell’s8 – bitInstrumentation and simple Industrial Control

वर्ष 1983 में इन्टेल ने 16-बिट माइक्रोकन्ट्रोलर प्रस्तुत किया जिसे 8096 श्रेणी के नाम से जाना जाता है। इस माइक्रोकन्ट्रोलर का अनुप्रयोग औद्योगिक तथा व्यावसायिक इत्यादि क्षेत्रों की जटिल समस्याओं में किया जाता है। आज 32-बिट तक के माइक्रोकन्ट्रोलर निर्मित हो चुके है। इनके निर्माण में IBM तथा Motorola अपणो कम्पनी है।

इन 32-बिट माइक्रोकन्ट्रोलर का उपयोग असंख्य क्षेत्रो में अधिकता से किया जा रहा है।

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