what is time sharing in hindi-टाइम शेयरिंग क्या है?

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आपको what is time sharing in hindi के बारे में बताया गया है की क्या होता है कैसे काम करता है तो चलिए शुरू करते है

टाइम शेयरिंग (Time Sharing)

जैसे-जैसे अधिक तीव्र गति से कार्य करने वाले प्रोसेसरों का विकास होता गया, बैच प्रोसेसिंग की तकनीक प्रोसेसिंग क्षमता के उपयोग की दृष्टि से अक्षम सिद्ध होती गयी। इनपुट, आउटपण उपकरण काफी धीमी गति से कार्य करते है और मैमोरी से किसी भी सूचना को पढ़ने में लगाया जाने वाला समय प्रोसेसर को खाली रहने पर बाध्य कर देता है।

दूसरी और चूँकि सभी प्रोग्राम एक ही आकार के नहीं होते अत: मुख्य मैमोरी का काफी भाग कई बार प्रयोग में नहीं आता है और मैमोरी की क्षमता का भी पूर्णरूपेण प्रयोग नहीं हो पाता। अत: अनेकों प्रोग्राम साथ-साथ दिए जाते हैं।

केन्द्रीय प्रोसेसर एक कार्य कुछ समय तक करने के बाद, उसे सभी स्थिति में छोड़कर अन्य कार्य करने लगता है और कुछ समय बाद फिर पहले कार्य को प्रारम्भ करता है, ठीक वहाँ से जहाँ उसे पहले छोड़ा था। इस तरह, प्रोसेसर के समय का पूरा उपयोग किया जा सकता है। गतिविधियों का निर्धारण ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाता है।

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यदि एक सिस्टम से 16 टर्मिनल जुड़े हुए हो तो और सभी पर कार्य चल रहा हो तो कम्प्यूटर कुछ समय एक प्रयोगकर्ता का कार्य करता है और फिर क्रमानुसार अन्य प्रयोगकर्ताओं, का, और इस चक्र के पूरा होने के बाद ही वह व्यक्ति का या पहले टर्मिनल का कार्य करता है, किन्तु कम्प्यूटर इतनी तीव्र गति से कार्य करता है कि हर व्यक्ति को यह प्रतीत होता है कि कम्प्यूटर सिर्फ उसी के लिए कार्य कर रहा है।

इस विधि में प्रोग्राम लिखे जाने के बाद, वांछित आँकड़ों को कम्प्यूटर को बताकर समस्या का परिणाम निकालने के लिए किया जाता है हालाँकि अन्य अनेक व्यक्तियों का कार्य भी कंप्यूटर साथ ही साथ    कर रहा है जिस्म आप का इंतजार नहीं करना पड़ता ऑनलाइन प्रोसेसिंग तकनिकी कहलाती है इस विधि को जिसमे कंप्यूटर कई प्रोयोग्कर्ता को कार्य साथ साथ करता है अपना समय छोटे छोटे हिस्सों में अनेक लोगों में बाँटता हैं। टाइम शेयरिंग तकनीक नाम से ही जाना जाता है।

डायग्राम

CPU समय का प्रोसेस द्वारा एलोकेशन

टाइम शेयरिंग का अर्थ एक कम्प्यूटर का एक ही समय में विभिन्न इनपुट/आउटपुट टर्मिनल से कई उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रयोग किए जाने की सुविधा प्रदान करता है। यह मल्टी टास्किंग तकनीक का संशोधित रूप है। टाइम शेयरिंग सिस्टम का आधारभूत सिद्धान्त यह है कि वृहत् संख्या में उपयोगकर्ताओं को CPU के समय का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करना। इस प्रकार से टाइम शेयरिंग सिस्टम में कई टर्मिनल (लगभग 100 या अधिक) एक ही समय में एक ही कम्प्यूटर से जुड़े होते हैं।

उपरोक्त चित्र में प्रोग्राम्स प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित होते हैं इस सिस्टम में CPU का समय सभी उपयोगकर्ताओं के मध्य विभाजित किया जाता है। टाइम-शेयरिंग सिस्टम के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी उपयोगकर्ता CPU के समय का अधिकाधिक प्रयोग कर सकें।

वह सबसे कम समय जिस दौरान उपयोगकर्ता CPU के सम्पर्क में रहता है, टाइम स्लाइस (time slice), टाइम ाट (time slot) या क्वांटम (Quantum) कहलाता है और यह 10 से 20 मिलीसेकण्ड्स का होते है

टाइम शेयरिंग सिस्टम में 100 से अधिक उपयोगकर्ता एक साथ एक ही CPU का उपयोग कर सकते है टाइम शायरिंग सिस्टम में सभी उपयोगकर्ता निम्न तीन अवस्थाओ में रहते है

टाइम शेयरिंग सिस्टम में उपयोगकर्ता अक्सर केन्द्रीय सिस्टम से वार्तालाप करता रहता है  वह संवाद मुक्त सिस्टम भी कहलाता है इस सिस्टम में प्रोग्राम का मुख्य मैमोरी से डिस्क स्टोरेज की

ओर जाना और पुन: वापसी की संक्रिया स्वैपिंग (Swapping) कहलाती है। इस स्वैपिंग प्रक्रिया को  रोल इन आउट (Roll-in Roll-out) सिस्टम से भी जानते हैं।

 टाइम शेयरिंग के लाभ

1. CPU के आदर्श समय को कम करना।

 2. छोटे उपयोगकर्ताओं को गणना सुविधा प्रदान करना।

3. शीघ्र प्रतिउत्तर की सुविधा।

4. कागज पर आउटपुट को कम करना।

5. सॉफ्टवेयर की प्रतिलिपि को नकारना।

टाइम शेयरिंग से हानि

1. सुरक्षा का प्रश्न

2. विश्वसनीयता की समस्या।

3. डाटा कम्यूनिकेशन की समस्या

4. एक प्रमुख के सम्मिलित होने का प्रश्न

reference-https://en.wikipedia.org/wiki/Time-sharing

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